

मैं काल का कपाल हूँ मैं मूल की चिंघाड़ हूँ मैं मग्न…मैं चिर मग्न हूँ मैं एकांत में उजाड़ हूँ मैं महाकाल हूँ हैप्पी शिवरात्रि ,
हेसियत मेरी छोटी है पर मन मेरा शिवाला है करम तो मैं करता जाऊंगा क्योकि साथ मेरे डमरूवाला है| ॐ नमः शिवाय ,
ॐ में ही आस्था ॐ में ही विश्वास ॐ में ही शक्ति ॐ में ही सारा संसार ॐ से होती है अच्छे दिन की शुरुआत ! बोलो ॐ नमः शिवाय जय भोलेनाथ ,अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का काल भी उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का जय महाकाल हैप्पी शिवरात्रि मित्रों , ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो_में दाग_है”… हम_तो_भोलेनाथ_के_भक्त्त_है_भैया_हमारे_तो_मूंह_में_भी_आग_है…!! हर_हर_महादेव ., दुश्मन_बनकर_मुझसे_जीतने_चला_था_नादान..!!* मेरे_MAHAKAL_से_मोहब्बत_कर_लेता_तो_मै_खुद_हार_जाता..!!* जय_महाकाल. !